खूंटी एसपी ने ग्रामीण प्रशासनिक इकाइयों को अंधविश्वास के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के दिए निर्देश

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रांची।  झारखंड में तमाम जागरूकता अभियानों के बावजूद अंधविश्वास और डायन-बिसाही की कुप्रथा निर्दोषों की जान ले रही है। खूंटी जिले के सायको थाना क्षेत्र अंतर्गत किताहातु गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां डायन-बिसाही के गहरे अंधविश्वास में डूबे दो युवकों ने 75 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला की लाठी-डंडों और पत्थरों से बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। खूंटी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

घटना के संबंध में मृतका के पुत्र बिरसा मुंडू ने सायको थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने तुरंत संज्ञान लिया। एसपी के कड़े निर्देश पर डीएसपी मंगल सिंह जामुदा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। पुलिस टीम ने किताहातु गांव में छापेमारी कर अनुसंधान शुरू किया और तकनीकी व स्थानीय साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल गांव के ही दो सगे-संबंधी युवकों दिनाय मुंडू और मंगल मुंडू को धर दबोचा। पूरे मामले का खुलासा करते हुए खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों ने पुलिसिया पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पूछताछ में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि दोनों युवकों के दिमाग में यह अंधविश्वास बैठ गया था कि मृतका झाड़-फूंक और ओझा-गुनी (काला जादू) का काम करती थी। आरोपियों का मानना था कि इस बुजुर्ग महिला के जादू-टोने के कारण ही पिछले कुछ समय से उनके परिवार में लोग लगातार बीमार हो रहे थे और कुछ परिजनों की अकाल मौतें भी हुई थीं। इसी प्रतिशोध और खौफनाक अंधविश्वास के चलते दोनों ने मिलकर बुजुर्ग महिला को अकेले पाकर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया और उन्हें तब तक पीटा जब तक कि उनकी सांसें नहीं थम गईं। पुलिस ने पकड़े गए कातिलों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए खून से सने दो बांस के डंडे और भारी पत्थर भी बरामद कर लिए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। दोनों आरोपियों को चिकित्सीय जांच के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस दर्दनाक घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग ने आम जनता से बेहद भावुक और कड़क अपील की है। उन्होंने कहा, "डायन-बिसाही जैसी सामाजिक कुप्रथाएं और अंधविश्वास समाज के लिए कलंक हैं। किसी भी बीमारी या मौत का कारण जादू-टोना नहीं होता। किसी भी प्रकार की अफवाह या अंधविश्वास के जाल में फंसकर कानून को अपने हाथ में लेना एक अत्यंत गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। उन्होंने ग्रामीणों से विवेक से काम लेने और गांव में किसी भी प्रकार के मनमुटाव या विवाद की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया है।