झारखंड के सुप्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला बासुकीनाथ धाम-2026 को ऐतिहासिक, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मेले के सफल आयोजन और तैयारियों को धरातल पर परखने के लिए दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने खुद बासुकीनाथ धाम पहुंचकर चप्पे-चप्पे का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सावन के पवित्र महीने में बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में हर एक शिवभक्त को बेहतर नागरिक सुविधाएं, पुख्ता सुरक्षा और सुगम जलार्पण (सरल पूजा) कराना जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपायुक्त ने बासुकीनाथ धाम के रूट लाइन, संस्कार मंडप, पवित्र शिवगंगा, तारा मंदिर, बेदीया, दर्शनिया टीकर, नंदी चौक और नागनाथ चौक सहित मेले से जुड़े तमाम संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थलों का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों को ऑन द स्पॉट निर्देश जारी किए।
श्रद्धालुओं की सेहत और आपातकालीन स्थितियों को देखते हुए उपायुक्त ने सिविल सर्जन को विशेष हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से पहले स्वास्थ्य संबंधी सभी तैयारियां शत-प्रतिशत पूरी कर ली जाएं। भीड़भाड़ वाले और संकरे रास्तों पर तुरंत मेडिकल सहायता पहुंचाने के लिए 'बाइक एम्बुलेंस' को सक्रिय रखने का आदेश दिया गया। साथ ही मेला क्षेत्र के प्रमुख और संवेदनशील मोड़ों पर अस्थाई चिकित्सा शिविर, पर्याप्त दवाइयां और आपातकालीन एम्बुलेंस की चौबीसों घंटे तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। मेला क्षेत्र में भटकने या किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए प्रशासन तकनीक का बड़ा सहारा ले रहा है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बासुकीनाथ धाम के सभी प्रमुख स्थलों पर बड़ी एलईडी स्क्रीन्स लगाई जाएं। इन स्क्रीनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को टेंट सिटी, स्वास्थ्य शिविरों की लोकेशन, रूट लाइन में भीड़ की स्थिति, सहायता केंद्र और नगर निगम की आवश्यक सुविधाओं की पारदर्शी जानकारी लगातार मिलती रहेगी। इसके साथ ही, मेले में परिजनों से बिछड़ने वाले लोगों को तुरंत मिलाने के लिए 'खोया-पाया केंद्र' की व्यवस्था को बेहद प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया है। यहां तैनात होने वाले कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे त्वरित और सुगम तरीके से अपनों को मिला सकें। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने बासुकीनाथ धाम की स्वच्छता व्यवस्था का विशेष रूप से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पूरे मेला क्षेत्र में नियमित सफाई, कूड़े का त्वरित वैज्ञानिक निष्पादन और सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ और भक्तिमय वातावरण मिलना चाहिए। इसके अलावा टेंट सिटी के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। सावन में बारिश के मौसम को देखते हुए बिजली से होने वाले हादसों को रोकने के लिए उपायुक्त ने कड़े निर्देश दिए। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से कहा कि मेला क्षेत्र और रूट लाइन में जितने भी विद्युत तार और उपकरण लगे हैं, उनका तत्काल सुरक्षा ऑडिट और मरम्मत कार्य पूरा किया जाए। कोई भी तार खुला या खतरनाक स्थिति में नहीं होना चाहिए। इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान सहायक समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, सिविल सर्जन सहित जिले के तमाम वरीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

